4 नवंबर 2026

बड़ी खबर: जौनपुर के पूर्व डीएम की राजनीतिक एंट्री!

पूर्व आईएएस डॉ. दिनेश चंद्र ने सीएम योगी से मुलाकात कर बिजनौर की धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की मांग की है।

जौनपुर के पूर्व डीएम डॉ. दिनेश चंद्र की राजनीतिक एंट्री: सीएम योगी से मुलाकात कर बिजनौर की धामपुर सीट से मांगी टिकट

प्राथमिक परिचय और राजनीतिक गलियारों में हलचल

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय अचानक हलचल और चर्चाओं का दौर तेज़ हो गया, जब जौनपुर के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और साल 2012 बैच के अत्यंत तेजतर्रार एवं चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने की इच्छा व्यक्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आधिकारिक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिजनौर जिले की महत्वपूर्ण धामपुर विधानसभा सीट से आने वाले समय में चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर करते हुए टिकट की मांग की है। एक वरिष्ठ और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अचानक राजनीति की ओर रुख करने से राजनीतिक दलों और विश्लेषकों के बीच इसकी चर्चा जोरों पर है।

किसान के गमछे' पर आदेश लिखने से आए थे चर्चा में

डॉ. दिनेश चंद्र अपनी अनोखी कार्यशैली, सरलता और जनसहयोग के अनूठे तरीकों के लिए हमेशा से आम जनता और मीडिया के बीच सुर्खियों में रहे हैं। सेवा काल के दौरान उनका एक बेहद अलग और मानवीय अंदाज़ देखने को मिला था, जब उन्होंने एक किसान की समस्या के तुरंत समाधान के लिए किसी कागज़ की बजाय किसान के गमछे पर ही आदेश लिख दिया था।

उनका यह अनूठा और जन-हितैषी अंदाज़ आम जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय साबित हुआ था। उनकी इसी बेहतरीन प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पित सेवा-भाव को देखते हुए देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रशासनिक मैदान से राजनीतिक मैदान तक का सफर

एक लंबे समय तक देश और राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक पदों पर रहते हुए जनता के हित में महत्वपूर्ण कार्य करने के बाद, अब डॉ. दिनेश चंद्र का यह कदम एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि उन्हें धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिलता है, तो वहां का चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक और दिलचस्प हो जाएगा।

आम तौर पर प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आते हैं, परंतु एक सक्रिय कार्यकाल के दौरान ऐसी चहल-पहल होना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। अब देखना यह होगा कि आईएएस के रूप में प्रशासनिक मैदान में अपनी एक मजबूत और ईमानदार छाप छोड़ने वाले डॉ. दिनेश चंद्र क्या राजनीतिक मैदान में भी अपनी वैसी ही सफलता और लोकप्रिय पकड़ बना पाते हैं।

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